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दिग्गजों के विचार (Stalwarts Say)

राष्ट्रीय विचारकों, साहित्य मनीषियों एवं अंतरराष्ट्रीय विद्वानों के आत्मीय विचार

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सांस्कृतिक निष्ठा पर प्रबुद्ध समाज की मुहर

डॉ. बिपिन कुमार जी के दशकों के निष्काम सेवाभाव, राष्ट्रभाषा हिंदी के संवर्धन और संस्थागत नेतृत्व को देश-विदेश के प्रख्यात मनीषियों, कुलपतियों और विचारकों ने मुक्त कंठ से सराहा है।

"गृह मंत्रालय की पुस्तक चयन समिति में उनका योगदान बेहद मूल्यवान रहा। वे राष्ट्रीय मूल्यों, वैज्ञानिक सोच और सरल हिंदी के उत्कृष्ट संगम के प्रबल पक्षधर हैं।"

श्रीकांत वाजपेयी

पूर्व संयुक्त सचिव, राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय, भारत सरकार

"मॉरीशस और फिजी के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों से लेकर वियतनाम तक, डॉ. बिपिन कुमार ने प्रवासी भारतीय समुदाय के हृदय में मातृभाषा के स्वाभिमान को पुनः जागृत करने का अद्वितीय कार्य किया है।"

डॉ. आनंद प्रकाश शर्मा

अंतरराष्ट्रीय हिंदी दूत एवं प्रवासी विचारक, मॉरीशस

"राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर जी की वैचारिक चेतना और राष्ट्रभाषा की अस्मिता को नई पीढ़ी तक प्रामाणिकता से पहुंचाने में बिपिन जी ने जो भगीरथ प्रयास किया है, वह ऐतिहासिक है।"

आचार्य अनिल सुलभ

अध्यक्ष, बिहार हिंदी साहित्य सम्मेलन, पटना

"डॉ. बिपिन कुमार जी का जीवन हिंदी और भारतीय संस्कृति के वैश्विक पुनरुत्थान के लिए पूर्णतः समर्पित है। उनका सांगठनिक कौशल, विचारों की स्पष्टता और राष्ट्र सेवा का अटूट संकल्प हम सभी के लिए अनुकरणीय है।"

प्रो. (डॉ.) देवानंद झा

पूर्व कुलपति एवं वरिष्ठ भाषाविद्, केंद्रीय विश्वविद्यालय