सांस्कृतिक स्वाधीनता के बिना राजनीतिक स्वाधीनता का कोई गहरा अर्थ नहीं रह जाता। हमें अपनी भाषा और ज्ञान परंपरा पर गर्व करना सीखना होगा। शेयर करें: