राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर जी की वैचारिक चेतना और राष्ट्रभाषा की अस्मिता को नई पीढ़ी तक प्रामाणिकता से पहुंचाने में बिपिन जी ने जो भगीरथ प्रयास किया है, वह ऐतिहासिक है। शेयर करें: