गृह मंत्रालय की पुस्तक चयन समिति में उनका योगदान बेहद मूल्यवान रहा। वे राष्ट्रीय मूल्यों, वैज्ञानिक सोच और सरल हिंदी के उत्कृष्ट संगम के प्रबल पक्षधर हैं। शेयर करें: